<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd='http://schemas.google.com/g/2005' xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011</id><updated>2011-04-21T20:11:39.971-07:00</updated><category term='२००९'/><category term='तीर्थ यात्रा २ फ़रवरी'/><category term='तीर्थ यात्रा ३ फ़रवरी २००९'/><title type='text'>अविरत यात्रा - ख़बरों की दुनिया</title><subtitle type='html'>सर्वधर्मान परित्यज्य मामेकं शरणम् व्रज</subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default?max-results=100'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>11</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>100</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-8171282097409525306</id><published>2009-02-13T10:40:00.000-08:00</published><updated>2009-02-13T10:55:32.170-08:00</updated><title type='text'>तीर्थ यात्रा १३ फरवरी</title><content type='html'>कलशयात्रा के साथ तपोवन मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा&lt;br /&gt;रांची, कार्यालय प्रतिनिधि: कोकर स्थित न्यू तपोवन कालोनी में नवनिर्मित मंदिर में मूर्तियों का प्राण प्रतिष्ठा समारोह गुरुवार को कलशयात्रा के साथ शुरू हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। स्वर्ण रेखा तट से कांटाटोली, लालपुर होते हुए महिलाएं, पुरुष व बच्चे पैदल ही मंदिर परिसर में वापस पहुंचे। मंदिर में पंडित एकानंद शास्त्री के दिशा-निर्देशन में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान शुरू हो गया।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आध्यात्म से जोड़ेगा साई संकल्प दिवस&lt;br /&gt;गोरखपुर : कष्टों से घिरे लोगों को दुख से छुटकारा दिलाकर उन्हें आध्यात्म से जोड़ेगा श्री साई पूजन व महाभिषेक संकल्प दिवस। इस कार्यक्रम में गरीबों व मजलूमों की सहायता के निमित्त रणनीति तय की जायेगी। गुरुवार को आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में उक्त जानकारी देते हुए श्री साई दर्शन सोसाइटी के डा। यू.के. वर्मा, डा. अजय कुमार श्रीवास्तव व डा. एस.के. राय ने कहा कि जल्द ही गरीबों व मजलूमों के लिये स्वास्थ्य शिविर व जागरूकता शिविर लगाये जाएंगे। इसके लिये तैयारियां चल रही हैं।&lt;br /&gt;(सौजन्यः दैनिक जागरण)&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-8171282097409525306?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/8171282097409525306/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_13.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/8171282097409525306'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/8171282097409525306'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_13.html' title='तीर्थ यात्रा १३ फरवरी'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-3052166157184822569</id><published>2009-02-11T23:12:00.000-08:00</published><updated>2009-02-11T23:22:17.164-08:00</updated><title type='text'>तीर्थ यात्रा, १२ फ़रवरी</title><content type='html'>सीधे पहुंच सकेंगे श्रीकृष्ण धाम&lt;br /&gt;स्टॉफ रिपोर्टर, इलाहाबाद : गोरक्ष धाम (गुरु गोरखनाथ पीठ) से यात्री लीलाधर श्रीकृष्ण के दर्शन को सीधे वृंदावन धाम (मथुरा) पहुंच सकेंगे। इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर से अनवरगंज (कानपुर) के बीच चलने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस को मथुरा जंक्शन तक विस्तार देने का निर्णय लिया है सिर्फ रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिलने का इंतजार है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर स्थित गोरक्षधाम से बाबा विश्र्वनाथ की नगरी वाराणसी और तीर्थराज प्रयाग का दर्शन कराते हुए रेल यात्रियों को कृष्ण की नगरी मथुरा और वृंदावन का दर्शन कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए गोरखपुर से अनवरगंज (कानपुर) के बीच प्रतिदिन चलने वाली 5003/5004 चौरीचौरा एक्सप्रेस को मथुरा जंक्शन तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भक्ति मार्ग का संदेश है श्रीकृष्ण का गुणगान&lt;br /&gt;निज प्रतिनिधि, भोपाल पुरानी जेल परिसर में श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन बुधवार को संत रावतपुरा सरकार के सानिघ्य में गिरीशानंद महाराज के प्रवचन हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर युग में दुष्टों का संहार करने के लिए परमात्मा अवतार लेते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का गुणगान अत्यंत गुणकारी और भक्तिज्ञान का संदेश है। आज कथा से पूर्व आरती में वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल माधव दवे, आलोक संजर, पूर्व विधायक पीसी शर्मा और जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष रूप से शामिल हुए। महाराज श्री ने कथा का समापन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण अपनी लीलाएं करते हुए जहां सदाचारियों को आनंद प्रदान करते हैं, वहीं दानवों का नाश भी करते जाते हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कलशयात्रा के साथ महावीर मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह शुरू&lt;br /&gt;रांची, काप्र : महावीर मंडल मंदिर पुनर्निर्माण समिति की तरफ से नवनिर्मित महावीर मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह कलशयात्रा के साथ प्रारंभ हो गया। लोवाडीह चौक स्थित मंदिर से कलश यात्रा प्रारंभ हो कर द्वारिकापुरी, सामलौंग व भुईंया टोली होते हुए मंदिर वापस पहुंची। तकरीबन एक हजार महिलाओं ने इसमें भाग लिया। कलशयात्रा के पश्चात पंचांग पूजन व मंडप प्रवेश की प्रक्रिया अर्चकों ने पूरी कराई।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पवित्र नगर योजना में भी लोगों की आस्था से खिलावाड़&lt;br /&gt;प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष अजय सिंह (राहुल) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पवित्र नगरों के बारे में खुलासा करने का आग्रह किया है कि पिछले पांच साल में जिन सात नगरों को पवित्र घोषित किया गया था, क्या वहां मांस, मदिरा की बिक्री और उपभोग पर प्रतिबंध लागू है। या फिर जिस तरह भाजपा राम के नाम पर राजनीतिक खेल खेल रही है, वही पवित्र नगर योजना के बारे में किया जा रहा है।&lt;br /&gt;(सौजन्य: दैनिक जागरण)&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-3052166157184822569?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/3052166157184822569/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_11.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/3052166157184822569'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/3052166157184822569'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_11.html' title='तीर्थ यात्रा, १२ फ़रवरी'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-3276408012461063622</id><published>2009-02-10T23:35:00.000-08:00</published><updated>2009-02-10T23:55:10.072-08:00</updated><title type='text'>तीर्थ यात्रा, ११ फ़रवरी</title><content type='html'>&lt;div align="justify"&gt;&lt;/div&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;डा. लियूक हो गये विष्णु और मारिशी राधा&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;नैनी, इलाहाबाद : फ्रांस के डा. लियूक की नयी पहचान अब विष्णु है तो उनकी पत्‍‌नी का नया नाम कमला है। फ्रांस की डा. मारिशी भी राधा बन गयी हैं। भारतीय सभ्यता व संस्कृति का जादू केवल इन्हीं पर नहीं, और भी कई विदेशियों पर चला है। जो पूरी तरह भारतीयता के रंग में रंग गये हैं। मंगलवार को जब इन विदेशियों के पांव अरैल तट पर पड़े तो मानो पश्चिम और पूरब में कोई अंतर ही नहीं रह गया था। रंग को छोड़कर उनके सारे गुण भारतीय परंपरा का अहसास करा रहे थे। गुरु की तपोस्थली पर मत्था टेकने के बाद उनके उनके चेहरे की चमक बता रही थी कि उन्होंने यहां आकर क्या पाया है। अरैल स्थित सच्चा आश्रम में 15 से 23 फरवरी तक अन्तरराष्ट्रीय साधना शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें शिरकत करने के लिए सात समुन्दर पार कर दो दर्जन से अधिक विदेशी भक्त अपने गुरु की नगरी पधार चुके हैं। मंगलवार को विदेशियों ने गुरु की तपोस्थली पर मत्था टेक ध्यान लगाया। इसके बाद संगम जाकर Fान किया। इस दौरान वे पूरी तरह से भारतीय परंपरा में रचे बसे नजर आये। गुरु के सानिध्य में आने के बाद कई विदेशी भक्तों ने अपने नाम तक बदल लिए हैं। पेरिस निवासी डा. लियूक पेशे से इंजीनियर हैं। सच्चा बाबा के शिष्य स्वामी चेतन महराज के सानिध्य में आने के बाद वे भारतीय संस्कृति से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। उन्होंने अपना नाम बदलकर विष्णु रख लिया। अब तो फ्रांस में भी लोग विष्णु नाम से ही जानने लगे हैं। अपनी पत्‍‌नी का नाम भी बदलकर कमला रख दिया। इसी प्रकार फ्रांस की टूलूस शहर की रहने वाली डा. मारिशी डूकासे 1986 में स्वामी चेतन के सानिध्य में आयीं जिसके बाद उनमें भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम भाव जागा। उत्तरांचल स्थित ऋषिकेश आश्रम में अपने पति के साथ कुछ दिन बिताने के बाद इन्होंने अपना नाम बदलकर राधा रख लिया। इसी प्रकार पेरिस निवासी नाटय कलाकार मोनिका अब अंबिका बन गई हैं। उनका मानना है कि गुरु के सानिध्य में आने के बाद उनके जीवन में काफी बदलाव आया है। फ्रांस के रिटायर्ड इंजीनियर जंकलोड, डा. पाउल, डा. पैट्रिक, सिमान, गिगिल और जैमिपर भी गुरु की तपोस्थली पर साधना को लेकर उत्साहित हैं।&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;क्योंकि आनंद ही जीवन है&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;हल्द्वानी : ट्रांसपोर्ट नगर स्थित डी क्लास में मंगलवार को कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु सैकड़ों की तादाद में कथा श्रवण करने पहुंचे। प्रात: 9 बजे भागवत कथा के शुभारंभ पर महिलाओं द्वारा एक कलश यात्रा निकाली गयी। कुमाऊंनी परिधानों में सजी-धजी महिलाओं की कलश यात्रा ट्रांसपोर्ट नगर होती हुई बरेली रोड स्थित कालका मंदिर पहुंची। जहां महिलाओं द्वारा जलाभिषेक किया गया। कथा के प्रथम दिन कथा वाचक श्री नमन कृष्ण महाराज ने प्रवचन में कहा प्रत्येक जीव की एकमात्र खोज परम आनंद की प्राप्ति होती है। क्योंकि आनंद ही जीवन है। आनंद ही परिपूर्ण है। लेकिन माया व अज्ञान के प्रभाव से भवसागर में फंसकर जीव इंद्रिय जनित विकारों से ग्रसित हो जाता है। वह काम, क्रोध, लोभ, मोह में पड़कर दु:ख को प्राप्त होता है। कथा वाचक श्री महाराज जी ने धुंधकारी और धुंधली देवी की कथा सुनाते हुए कहा अत्याधिक भोग की प्रवृति दु:ख, अभाव, संताप, क्लेश आदि का एकमात्र कारण है। श्रद्धालु कथा सुनने सैकड़ों की तादाद में पहुंचे। कथा में वृन्दावन से आये शंकर दास, प्रमोद जी आचार्य, एमसी त्रिपाठी, गिरीश भट्ट, समित, पूरन, कथा में मुख्य यजमान शंकर दत्त पाण्डे, बद्रीदत्त, पूरन चंद्र पाण्डे आलोक, धर्मेंद्र, आनंद पाण्डे समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#999900;"&gt;(सौजन्य: दैनिक जागरण)&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-3276408012461063622?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/3276408012461063622/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_10.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/3276408012461063622'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/3276408012461063622'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_10.html' title='तीर्थ यात्रा, ११ फ़रवरी'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-4913322796595424742</id><published>2009-02-09T00:38:00.000-08:00</published><updated>2009-02-09T00:48:46.071-08:00</updated><title type='text'>तीर्थ यात्रा, ९ फ़रवरी</title><content type='html'>&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;संकल्प पूरा तो कल्पवास पूरा&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;सांस्कृतिक प्रतिनिधि, इलाहाबाद : त्रिवेणी का तट, मास पर्यत की कठोर साधना और अंत में हर जरूरतों की चीजों का दान। निस्सन्देह श्रेयस् दान में परिवर्तित हो जाता है। दान देते ही कल्पकल्पान्तर का सुख उपलब्ध हो जाता है। ऐसा न केवल साधु, संतों व महात्माओं का मानना है अपितु ग्रह नक्षत्रों के जानकारों का भी कहना है। श्रेयो दान अर्थात् सेजिया (शैय्यादान)। इसमें चारपाई के साथ साथ रोजमर्रे की जिन्दगी से जुड़ी सभी चीजों का दान का विधान है। पूर्णिमा स्नान के बाद शैय्या दान कर स्नानार्थी न केवल लोक संवारेंगे, परलोक के कल्याण की कामना भी करेंगे। गौरतलब है कि पिछले पौष पूर्णिमा से निरंतर कठोर साधना करने वाले कल्पवासियों की साधना अब पूर्ण होने को आ रही है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;मंदिर नहीं बनने देंगे : पासवान&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;पटना, निज प्रतिनिधि : लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने रविवार को कहा कि वे किसी भी सूरत में ध्वस्त ढांचे के स्थान पर राम मंदिर नहीं बनने देंगे। इमारत-ए-अहले अंसार (अहहिन्द) के प्रांतीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव आते ही भाजपा को मंदिर मुद्दा याद आ जाता है। उन्होंने इससे मुकाबले के लिए मुसलमानों और दलितों से एकजुट होने की अपील भी की।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;आलोक कुमार सिन्हा श्री रामकृष्ण सेवा के अध्यक्ष बने&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;रांची, काप्र : श्री रामकृष्ण सेवा संघ का चुनाव आमसभा की बैठक में हुआ। इसकी अध्यक्षता पीके सिंह ने की। आमसभा में सर्वसम्मति से आलोक कुमार सिन्हा अध्यक्ष, केसी डे कार्यकारी अध्यक्ष, राजीव रंजन उपाध्यक्ष, काशीनाथ मुखर्जी सचिव, पीएल पाल व एसके घोष उप सचिव, पीएन राय कोषाध्यक्ष तथा कनक घोष उप कोषाध्यक्ष चुने गए। आरएन पाल, एके राय, पी मंडल, गौतम दास, एसके बनर्जी, एसके डे विश्वास, एसके बनर्जी, जेआर काली, एसएम बनर्जी, वासुदेव दत्ता, आरके रक्षित व ए कुइला कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। मौके पर रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम बोकारो के सचिव डा. ली व एसएन झा बतौर पर्यवेक्षक मौजूद थे।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;माघी पूर्णिमा पर आयोजनों की धूम&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;खरीक (नवगछिया), संवाद सूत्र : खरीक प्रखंड में गंगा कोसी के विभिन्न घाटों पर पूर्णिमा के दिन सोमवार से होने वाले मेले एवं भक्तिमय आयोजनों की तैयारियों देर शाम तक पूरी कर ली गयी हैं। काजीकोरैया माघी पूर्णिमा मेला समिति के अनिल कुमार मंडल, भूखन मंडल ने कहा कि इस अवसर पर मेला सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन एवं रामधुन संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। वहीं निरंजन नगर गंगा घाट, एवं चोरहर कोसी घाट पर भी विशेष आयोजन किए जाएंगे। विभिन्न जगहों पर देवी देवताओं के प्रतिमा बनाने का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;551 हवन कुंडों में आहुतियां&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;रांची, कार्यालय प्रतिनिधि : हरमू मैदान में रविवार की सुबह वातावरण वैदिक मंत्रों की ध्वनि से गुंजायमान था, हवन कुंडों से उठते सुगंधित दिव्य धूम से वातावरण आध्यात्मिकता से परिपूर्ण था। 551 हवन कुंडों में 1100 दंपति घी व हवन सामग्री की आहुतियां डाल रहे थे। मौका था 551 कुंडीय सद्गुरु सदाफलदेव विश्वशांति महायज्ञ का। यह यज्ञ त्रिदिवसीय योगासन-प्राणायाम प्रशिक्षण एवं विहंगम योग समारोह के अंतिम दिन सुबह दस बजे से आयोजित किया गया था। यज्ञाचार्य स्वयं आचार्य स्वतंत्रदेव महाराज व विज्ञान देव महाराज स्वयं मंत्रोच्चार कर रहे थे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-4913322796595424742?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/4913322796595424742/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_09.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/4913322796595424742'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/4913322796595424742'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_09.html' title='तीर्थ यात्रा, ९ फ़रवरी'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-8939936673491083529</id><published>2009-02-06T21:53:00.000-08:00</published><updated>2009-02-06T22:07:15.292-08:00</updated><title type='text'>तीर्थ यात्रा, ७ फ़रवरी, २००९</title><content type='html'>&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;नागनाथ की हालत बिगड़ी&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;वाराणसी : गंगा को लेकर मणिकर्णिका घाट पर आमरण अनशन पर बैठे बाबा नागनाथ की हालत बिगड़ने पर शुक्रवार को रात्रि 9:15 बजे पुलिस ने उन्हें मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगा को लेकर पांच सूत्रीय मांगों के संबंध में पिछले 203 दिनों से बाबा नागनाथ अन्न त्याग कर आमरण अनशन पर थे। केंद्र व राज्य सरकार के हठवादी रवैये का विरोध करते हुए पिछले चार-पांच दिनों से जल का भी त्याग कर दिया था। इससे उनकी हालत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt; &lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;शंकराचार्य शिविर में बटुकों का यज्ञोपवीत&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;सिटी रिपोर्टर, इलाहाबाद : जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती के माघ मेला स्थित शिविर में शुक्रवार को सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार आयोजित किया गया जिसमें 67 बटुकों का वैदिक विधि विधान से यज्ञोपवीत किया गया। शंकराचार्य शिविर में प्रति वर्ष बसंत के द्वादशी पर आयोजित होने वाले यज्ञोपवीत संस्कार में आठ साल की उम्र से लेकर बड़ी उम्र के ब्रह्मचारियों को संस्कारित किया गया। &lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt; &lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;भगवान जगन्नाथ करेंगे द्रोणनगरी की परिक्रमा&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;देहरादून, जागरण संवाददाता: द्रोणनगरी में 28 फरवरी को निकलने वाली श्री जगन्नाथ रथयात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में 15 फरवरी को नेहरू कॉलोनी में नगर कीर्तन निकाला जाएगा। श्री जगन्नाथ रथयात्रा सेवा समिति की नेहरू कालोनी स्थित सत्संग भवन में रथयात्रा की तैयारियों पर चर्चा हुई। बताया गया कि श्री श्याम सुंदर मंदिर पटेल नगर सहित अन्य धार्मिक संस्थानों, प्रतिष्ठानों के सहयोग से आयोजित यह यात्रा 28 फरवरी को सुबह नौ बजे परेड ग्राउंड से शुरू होगी और राजधानी के विभिन्न मार्गो से होते हुए श्याम सुंदर मंदिर पहुंचेगी।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt; &lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;राजस्थान से काशी पहुंची अखंड ज्योति&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;वाराणसी, सांस्कृतिक प्रतिनिधि :नवनिर्मित त्रिदेव मंदिर में सालासर हनुमान, श्याम प्रभु व राणीसती दादी के मंडप में स्थापित होने की जाने वाली अखंड ज्योति राजस्थान स्थित तीनों मंदिरों से शुक्रवार को यहां पहुंची। 10 से 16 फरवरी तक आयोजित स्थापना समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। संकटमोचन व मानस मंदिर के मध्य बन रहे इस मंदिर को अंतिम रूप देने के लिए लगभग चार सौ कारीगर व मजदूर दिन-रात जुटे हैं। सालासर हनुमान, श्याम प्रभु व राणीसती के विग्रहों की स्थापना तीन गर्भगृहों में की जाएगी।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt; &lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;भगवान वेंकटेश के विवाह में उमड़ी भीड़&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;कानपुर, जागरण संवाददाता: भगवान वेंकटेश, पद्मावती व लक्ष्मी की शोभायात्रा में भक्तों ने पुष्पवर्षा कर मंगल कामना की। भगवान के विवाह में भीड़ उमड़ी। शोभायात्रा कैनाल रोड मंदिर से उठकर गंगा पुल पर पहुंची। भगवान वेंकटेश का विवाह पद्मावती के साथ संपन्न हुआ। सतीश महाना, जितेन्द्र बहादुर सिंह,मान पाण्डेय, राकेश तिवारी थे।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt; &lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;श्रद्धा भक्ति और सेवा साथ-साथ&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;इलाहाबाद : माघ मेला क्षेत्र में त्रिवेणी मार्ग स्थित श्रीविद्या साधना पीठ नगवां वाराणसी के शिविर में श्रद्धा भक्ति और सेवा साथ-साथ देखने को मिल रही है। श्रीविद्या साधना पीठ द्वारा संचालित श्रीशांकरीदेवी सेवा संस्थान वाराणसी की ओर से विशेष स्नान पर्वो पर श्रद्धालुओं के मध्य चाय आदि का भी वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा शांकरीदेवी संस्थान द्वारा भगवती का भोगभंडारा लगाकर प्रात: नौ से ग्यारह बजे तक प्रसाद का वितरण किया जा रहा है।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#33cc00;"&gt;(सौजन्य : दैनिक जागरण)&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-8939936673491083529?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/8939936673491083529/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_2980.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/8939936673491083529'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/8939936673491083529'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_2980.html' title='तीर्थ यात्रा, ७ फ़रवरी, २००९'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-6880702956564023954</id><published>2009-02-06T08:57:00.000-08:00</published><updated>2009-02-06T09:15:57.493-08:00</updated><title type='text'>तीर्थ यात्रा, ६ फ़रवरी, २००९</title><content type='html'>&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;श्रीरामचरित मानस का नवाह्नपारायण पाठ जारी&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;रांची, काप्र : पंचकुंडीय श्री राम महायज्ञ के पांचवें दिन श्री रामचरित मानस का नवाह्नपारायण पाठ जारी है। यज्ञ पहली फरवरी से गाड़ीखाना, अपर बाजार स्थित श्रीद्वारिकाधीश मंदिर में चल रहा है। सात फरवरी तक रोजाना 51 ब्राह्मण श्री रामचरित मानस का नवाह्न परायण पाठ करेंगे। रोज शाम चार बजे हवन हो रहा है। पाठ का नेतृत्व व्यास पीठ से अनुज पाठक कर रहे हैं। मृत्युंजय मिश्र का प्रवचन व भजन भी चल रहा है।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;पहाड़ी मंदिर पर शिव बारात की तैयारियां शुरू&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;रांची, काप्र : महाशिवरात्रि के मौके पर निकलने वाली शिव बारात की तैयारियां तेज हो गई हैं। महाशिवरात्रि 23 फरवरी को है। हर साल की तरह इस साल भी राधाकृष्ण मंदिर, मेट्रो गली से बारात निकलेगी और पहाड़ी मंदिर तक जाएगी। हर साल शिव बारात की अगवानी मुख्यमंत्री ही करते थे। इस बार राष्ट्रपति शासन होने की वजह से पूर्व मुख्यमंत्रियों से बारात की अगवानी करवाने का फैसला श्री शिव बारात आयोजन समिति ने किया है।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;भगवान विष्णु के मोहक स्वरूप को जीवन्त किया&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;बरेली, जागरण संवाददाता: भगवान विष्णु के मोहक स्वरूप को नृत्य के माध्यम से भारती शिवाजी ने अपनी प्रस्तुति से जीवन्त कर दिया। वह आज भूड़ स्थित कन्या महाविद्यालय में अपने कार्यक्रम की श्रंृखला में दूसरे दिन केरल का मोहनी अट्टम नृत्य प्रस्तुत कर रही थीं। पद्मश्री भारती शिवाजी यहां स्पिक मैके के कार्यक्रम के तहत पिछले दो दिनों से नृत्य के कार्यक्रम दे रहीं हैं। आज उन्होंने अपने कार्यक्रम में भगवान विष्णु के स्वरूप का वर्णन करते हुए छात्राओं को नृत्य की बारीकियों से भी अवगत कराया।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;धर्म के मार्ग पर चलने से मिलेगी सुख-संपत्ति &lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;भोपाल (शप्र)। धर्म के मार्ग पर चलने से सुख और संपत्ति अपने आप आती है। यह बात रामपांडेय शास्त्री ने प्रवचन में कही। वे गुरुवार को मां दुर्गा धाम नौ माताएं मंदिर अशोक विहार में हरी हरात्मक शक्ति महायज्ञ में आयोजित श्रीरामचरित मानस कथा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जीवन में भगवान श्रीराम जैसी मर्यादा लाने पर लक्ष्मी, भक्ति व शांति अपने आप आती है। शास्त्री जी ने कहा कि जब जीवन में वासनाएं आ जाती हैं तो भगवान गायब हो जाते हैं।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;संस्कृत में विभिन्न शास्त्रों का अनवरत् प्रणयन&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;इलाहाबाद : संस्कृत के काव्यशास्त्रों सहित भाषा के नवीनतम आयाम से परिचत कराती तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी इविवि के संस्कृत विभाग में गुरुवार से आरम्भ हुई। कार्यक्रम में देशभर के संस्कृत के विद्वान एवं शोधछात्र भाग ले रहे हैं। मुख्य अतिथि पद्मश्री आद्या प्रसाद मिश्र ने संस्कृत वाड्øमय की प्राचीनतम भाषा के स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा भगवतगीता पर हिंदी-अंग्रेजी एवं विश्र्व की अन्य भाषाओं में व्याख्याएं लिखी जा रही हैं। इनमें प्रभुपाद भी गीता पर टीका विशेष रूप से अवलोकनीय है। &lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;गंगा को करें आत्मसात : जनेश्वर&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;सिटी रिपोर्टर, इलाहाबाद : गंगा में कई नदियां मिलती हैं पर लक्ष्य तक गंगा ही पहंुचती हैं। गंगा में तमाम लोग डुबकी लगाने को आतुर रहते हैं पर गंगा किसी को नहीं रोकतीं। वह किसी जाति-धर्म विशेष को न पानी पीने से अथवा न स्नान करने से कभी रोकती हैं । बल्कि गंगा स्नान कर लोग अपने पुण्य की कामना करते हैं। ऐसे ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी होना चाहिए। सभी को गंगा को आत्मसात करना चाहिए। उक्त विचार सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र ने बृहस्पतिवार को माघमेला स्थित समाजवादी चिंतन शिविर के समापन मौके पर व्यक्त किये। &lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;श्याम बाबा की झांकी पर आकाश से हुई पुष्पवर्षा&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;जमशेदपुर : साकची शिव मंदिर में गुरुवार को आयोजित श्याम महोत्सव से पहले दोपहर करीब दो बजे बाबा श्याम की भव्य झांकी निकली। शिव मंदिर से साकची पोस्टआफिस होते हुए साकची गोलचक्कर तक करीब डेढ़ हजार महिलाओं-पुरुषों की शोभायात्रा पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। श्याम पताका (निशान) के साथ चल रहा जुलूस साकची गोलचक्कर से काशीडीह दुर्गापूजा मैदान होते हुए शिव मंदिर पहुंचा। &lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;p align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;(सौजन्य : दैनिक जागरण)&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-6880702956564023954?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/6880702956564023954/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_06.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/6880702956564023954'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/6880702956564023954'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_06.html' title='तीर्थ यात्रा, ६ फ़रवरी, २००९'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-1872262593459613424</id><published>2009-02-05T11:58:00.000-08:00</published><updated>2009-02-05T12:06:25.465-08:00</updated><title type='text'>तीर्थ यात्रा, ४,५ फ़रवरी, २००९</title><content type='html'>&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;कुरान को काव्यात्मक शैली में पिरो रहे हैं रविंद्र जैन&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;महबूब आलम,बरेली आगाज करता हूं कुरान का उनके नाम से। वो है जो रहमान रहीम अल्ला। जिसका नाम है जो मांगने से रहम दे। रहमान और रहीम है वो। रहम करना उसका काम है। इस भाव के साथ प्रसिद्ध संगीतकार एवं गायक रविन्द्र जैन कुरान का तरजुमा (अनुवाद) अशार की जुबान (काव्यात्मक शैली) में कर रहे हैं। उन्तीस पारे तक उन्होंने तरजुमा कर भी लिया है तीसवें पारे पर काम चल रहा है। इसका नाम उन्होने रूहे कुरान रखा है। कुरान के बारे में उनका मानना है कि यह इन्सान की बहबूती और फलाह के लिए है। यानी उत्थान और कल्याण। उन्होंने कहा कि खुदा या ईश्वर! जिस रूप में भी माने वह निराकार है। कुरान में भी यही है और वेदों में यही है। वह किसी एक का नहीं सब का है सारी दुनिया का है। खुदा कुरान में खुद कहता है अलहम्दो लिल्लाहे रब्बिल आलमीन- यानी मैं सारे आलम (संसार) का रब हूं। उन्होंने खुदा को जानने और उसकी चाहत का जिक्र करते हुए रामायण की एक पंक्ति का जिक्र किया कि-सोई जाने जिनी देहूं जनाई। जानत तुमही, तुमही होई जाई।। उन्होंने कुरान की एक आयत पढ़ते हुए कहा कि इन नहू काना जुल्मन जहूला-यानी इंसान जालिम भी है और जाहिल भी। कुरान हो या वेद यह इंसान को इंसान बनाने के लिए है। वह 17 साल से इस तरजुमे पर काम कर रहे हंै जो अन्तिम चरण में है। बात चीत के दौरान उन्होंने अलहम्दो शरीफ, अलिफ-लाम-मीम और सूरे बकर का जिक्र करते हुए जुबानी तरजुमा काव्यात्मक शैली में सुनाया भी। यूं तो इस तरह के अशारी तरजुमे कई मुस्लिम स्कालरों ने किये हैं। मगर रविन्द्र जैन पहले ऐसे हिन्दू स्कालर हैं जिन्होंने आशारी तरजुमा किया है। एक सवाल पर उन्होंने कहा आज कल के बच्चे बहुत समझदार हैं उन्हे जैसा बताया या दिखाया जा रहा है उसे वह ग्रहण कर रहे हैं। इसीलिए उनकी यह कोशिश है कि नई पीढ़ी धर्म का सही स्वरूप जान सके। वह यह समझ सके कि सब एक है। इसी से जुड़े एक और सवाल पर उन्होंने कहा कि यह तो अलीगढ़ के संस्कार हैं जो उनके अन्दर समाए हुए हैं। उनके विचार उनकी जुबान सब कुछ। वहां नशिश्त होती रहती थी। कुरान के वाज होते रहे हैं। इसी लिए यह सब कुछ उनके अन्दर समाया। अलीगढ़ का उनपर एहसान है। बता दें कि वह मूल रूप से अलीगढ़ के निवासी हैं। इससे पहले भी नातिया कैसेट उनकी डीआर कम्पनी रिलीज कर चुकी है जिसमें हम्द, नात और सलाम है जो उन्होंने पाकिस्तानी गायक मेंहदी हसन से गवाया था। वह पंडित रविन्द्र नाथ टैगोर की रचनाओं का भी हिन्दी में अनुवाद कर रहे हैं। इन दिनों राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनने वाली फिल्म तानसेन में वह संगीत दे रहे हैं। हाल ही में रिलीज हो चुकी विवाह फिल्म में उन्होने संगीत दिया था और नया रामायण धारावाहिक में उनका संगीत चल रहा है।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;&lt;strong&gt;महायज्ञ से मिलता है परमसुख व शांति&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;मुजफ्फरपुर, हकाप्र। : महायज्ञ से परमसुख की प्राप्ति होती है। प्रभु कृपा से 84 लाख योनियों में मानव सर्वोत्तम है। मानव तन विलास भोगने मात्र के लिए नहीं मिला है, यह परमानन्द की अनुभूति एवं परमसुख-शांति की प्राप्ति के लिए मिला है। उक्त बातें बुधवार को विश्व कल्याणार्थ श्री सीताराम नाम जप महायज्ञ की तैयारियों पर श्रद्धालु भक्तों के बीच आयोजित सभा में संत शिरोमणि बाल तपस्वी नारायण दास जी ने कही। उन्होंने कहा कि आगामी 28 फरवरी से दादर पुल के निकट मिथिलाधाम स्थित गंडक नदी के तट पर दस दिवसीय श्री सीताराम वैदिक महायज्ञ का आयोजन किया गया है। इसमें 108 कीर्तन कुंजी में 2160 नाम जापक एवं 1008 हवन कुण्डों में 4045 साधक शामिल होंगे।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;&lt;strong&gt;नवाह्नपारायण पाठ व प्रवचन-हवन जारी&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;रांची, काप्र : गाड़ी खाना, अपर बाजार स्थित श्री द्वारिकाधीश मंदिर में श्रीपंचकुंडीय श्री राम महायज्ञ तथा प्राण प्रतिष्ठा समारोह पहली फरवरी से चल रहा है। यहां रोजाना तुलसीकृत श्री रामचरित मानस का नवाह्नपारायण पाठ किया जा रहा है। संतों के प्रवचन के साथ हवन-यज्ञ भी जारी है। । इस मौके पर ब्रह्मलीन श्रीश्री 108 सप्तऋषि जागेश्वर महाराज के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। महाराजश्री 12 जुलाई 2008 को ब्रह्मलीन हुए थे।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-1872262593459613424?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/1872262593459613424/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_05.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/1872262593459613424'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/1872262593459613424'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_05.html' title='तीर्थ यात्रा, ४,५ फ़रवरी, २००९'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-3697329491216701417</id><published>2009-02-03T00:48:00.000-08:00</published><updated>2009-02-03T01:10:34.144-08:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='तीर्थ यात्रा ३ फ़रवरी २००९'/><title type='text'>तीर्थ यात्रा ३ फ़रवरी २००९</title><content type='html'>&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;गंगा बचेगी तो देश बचेगा : चिदानन्द&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;सांस्कृतिक प्रतिनिधि, इलाहाबाद : परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज मुनि जी ने कहा कि गंगा बचेगी तो देश बचेगा। जीवन को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए गंगा की पवित्रता जरूरी है। रैली में शामिल होने आये मुनि जी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि जन जागरूकता के साथ साथ प्रशासन को कड़े कदम उठाने होंगे। गंगा तट के आसपास दुकानदारों या व्यवासायियों को लाइसेंस देते समय उनसे गंगा की पवित्रता को बनाये रखने का शपथपत्र भी अनिवार्य करें। &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;क्रियायोग से परमलक्ष्य की प्राप्ति संभव&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;माघ मेला स्थित क्रियायोग सत्संग शिविर में क्रियायोग विशेषज्ञ स्वामी योगी सत्यम् ने कहा कि मनुष्य अपने जीवन के परमलक्ष्य, मोक्ष की प्राप्ति तभी कर सकता है जब वह मन पर बुद्धि तथा बुद्धि पर विवेक का साम्राज्य स्थापित करने के विज्ञान को जानता हो। देश-विदेश से आये शिष्यों को योग का अभ्यास कराते हुए उन्होंने कहा कि क्रियायोग साधना द्वारा मनुष्य अन्त:करण की गंगा में स्नान करने का विज्ञान सीखता है।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;महासप्तमी पर अंगधात्री की पूजा &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;भागलपुर : अंगधात्री सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित अंगधात्री नवरात्र महापर्व के सातवें दिन महासप्तमी पर रात में देवी अंगधात्री की पूजा की गयी। वहीं पंडित विजयानंद द्वारा प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ का भी आयोजन हो रहा है। सोमवार को काव्य यात्रा एवं शिखा साहित्य कला मंच के तत्वावधान में भक्ति काव्य गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;वैदिक गणित के चमत्कार के कायल हुए बीआईटियन्स&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;रांची, कार्यालय प्रतिनिधि : वैदिक गणित का एक सूत्र है निखिल नवश्करम दसत:, इस सूत्र से कई अंकों का गुणनफल सेकेंडों में निकल आता है। यह कोई जादू नहीं है और ना ही चमत्कार। यह कमाल है वैदिक गणित का, जिससे बड़े से बड़ी गणना त्वरित गति से संभव है। जब इस इस चमत्कार के उदाहरण वैदिक गणितज्ञ गौरव टेकरीवाल ने प्रस्तुत किए और एक सूत्र मुश्किल से कुछ मिनटों में समझा दिया, तो बीआईटियन्स गणना की इस अद्भुत पद्धति के कायल हो गए। मौका था तकनीकी उत्सव इंटरनेशनल उन्नयन 09 के क्रम में आयोजित स्पीड मैथ कार्यशाला का।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;बिड़ला मंदिर में लगे क्लोज सर्किट कैमरे&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;भोपाल (शप्र)। बिड़ला मंदिर में मेटल डिटेक्टर की सुरक्षा के साथ अब चारों तरफ से नजर रखने के लिए हाई रेंज के क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए है। यहां लगाए गए पांच कैमरे मंदिर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। इनका लोकार्पण मंगलवार की शाम सवा चार बजे नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक उमाशंकर गुप्ता व विशिष्ट अतिथि बीडीए अध्यक्ष धु्रव नारायण सिंह होंगे।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;विदेशियों को लुभा रहे देवभूमि के जंगल&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;कृष्ण किसलय, देहरादून: उत्तराखंड के जंगल विदेशी सैलानियों को अब ज्यादा लुभा रहे हैं। राज्य बनने के बाद जंगल घूमने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में तीन गुना इजाफा हुआ है। देशी पर्यटकों की संख्या में भी चार गुना बढ़ोतरी हुई है। राज्य में वन विभाग के नियंत्रण में वन्यजीवों के लिए संरक्षित 4915 वर्ग किमी वन क्षेत्र में छह राष्ट्रीय पार्क व छह वन्यजीव विहार हैं। इनमेंनियंत्रित सीमा तक इको पर्यटन की अनुमति है।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;रामलीला कमेटी का आय-व्यय ब्यौरा हो सार्वजनिक&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;हल्द्वानी : रामलीला कमेटी में रिसीवर व्यवस्था खत्म कर चुनाव कराने एवं विगत 15 वर्षो का लेखा जोखा सार्वजनिक किए जाने की मांग मुखर होने लगी है। सोमवार को उत्तराखंड सामाजिक क्रांति मंच के पदाधिकारी एसडीएम प्रताप सिंह साह से मिले। मंच अध्यक्ष प्रेम प्रकाश बेलवाल एवं महामंत्री वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि रामलीला कमेटी को अपनी संपत्तियों के साथ-साथ मैदान को विभिन्न आयोजनों पर किराए में उठाने पर भी आय प्राप्त होती है। लेकिन कमेटी पदाधिकारियों द्वारा 15 वर्ष से आय व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;(सौजन्य: दैनिक जागरण)&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-3697329491216701417?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/3697329491216701417/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_03.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/3697329491216701417'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/3697329491216701417'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post_03.html' title='तीर्थ यात्रा ३ फ़रवरी २००९'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-1480602178896396918</id><published>2009-02-01T22:28:00.000-08:00</published><updated>2009-02-01T22:44:35.286-08:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='तीर्थ यात्रा २ फ़रवरी'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='२००९'/><title type='text'>तीर्थ यात्रा २ फ़रवरी, २००९</title><content type='html'>&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;पानी वाले बाबा की हालत बिगड़ी&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;नई दिल्ली, जासं : भागीरथी गंगा के नैसर्गिक रूप को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे पर्यावरणविद डा।जीडी अग्रवाल का आमरण अनशन 19वें दिन भी जारी रहा। क्रमिक अनशन से उनकी हालात में काफी गिरावट आ गई है। कमजोर हो गए हैं और सहारे के बगैर खड़े भी नहीं हो पाते। बावजूद इसके वह अपनी बातों पर अडिग हैं। वह कहते हैं कि अपनी मां को बचाने के लिए वह प्राण भी त्याग देंगे। इस मौके पर डा।अग्रवाल ने समाज के सभी वर्गो की खामोशी पर चिंता जताई.&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;श्रीरविशंकर का महासत्संग 17 को मोरहाबादी में&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;रांची, काप्र: आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर का महासत्संग 17 फरवरी को शाम छह बजे से रात आठ बजे तक होगा। श्रीश्री सुबह दुर्गापुर से पटमदा आएंगे और वे पटमदा से वे रांची आएंगे। 18 से 20 फरवरी तक वे सुबह छह से आठ बजे तक अपने निर्देशन में प्राणायाम और ध्यान करवाएंगे। 18, 19, 20 व 21 फरवरी को शाम चार से आठ बजे तक युवाओं के लिए उत्सव कार्यक्रम होगा।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;9 फरवरी को होगा वशिष्ठ आश्रम का भूमि पूजन&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;गोरखपुर : महानगर के रानीगोला जाफरा बाजार में बनने वाले वशिष्ट आश्रम एवं सभागार का भूमि पूजन कार्यक्रम 9 फरवरी को होगा। इसी प्रकार उक्त तिथि को ही तुलसी दास इंटर कालेज में ज्यतिषपीठाधीश्र्वर जगद् गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ज्यर्तिमठ बदरिका आश्रम हिमालय द्वारा जनमानस को धर्म संदेश दिया जाएगा।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;श्रीदेवी भागवत सुनने से पूर्ण होते हैं मनोरथ&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;हल्द्वानी: पं। बसंत त्रिपाठी शास्त्री ने कहा कि श्रीदेवी भागवत महापुराण की कथा सूनने से ही मनुष्यों की कामनाएं पूर्ण हो जाती है। उसके मनोरथ पूर्ण होते हैं। बसंत पंचमी के अवसर पर महावीर गंज स्थित शिव मंदिर के वार्षिकोत्सव में श्रीदेवी भागवत कथा का आयोजन हुआ। इसमें लोगों ने श्रीदेवी भागवत कथा व भजन का आनंद लिया।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;मुनिजी संग बच्चे भी बने भगीरथ&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;इलाहाबाद : स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनिजी के आह्वान पर गंगा की अविरल व निर्मल धारा का संकल्प लेकर न केवल संत, महात्मा और स्वयंसेवी संस्थाएं आगे आयीं अपितु हजारों स्कूली बच्चे भी भगीरथ बने। इन सभी ने गंगा को प्रदूषण मुक्त करो जन जागरण रैली में बढ़-चढ़कर भाग लिया और संगम नोज पहंुचकर सफाई। इस दौरान गंगा बचाओ जीवन बचाओ, गंगा बचाओ पुण्य कमाओ, कूड़ा कचरा मत फेंको, गंगा को प्रदूषण मुक्त करो जैसे नारे बुलंद किये।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;सर्वागपूर्ण मुद्रा में हैं श्री हनुमान जी&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;इलाहाबाद :सिविल लाइन्स स्थित हनुमत निकेतन में मुख्य मूर्ति ब्रह्मचर्य, बल-बुद्धि-विद्या के निधान हनुमान जी की है। जिनके दक्षिण भाग में श्रीराम, लक्ष्मण और जानकी की मूर्तियां विराजमान हैं। उत्तर भाग में सिंहवाहिनी दुर्गा जी की सौम्य मुद्रावाली मूर्ति है। मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन रामलोचन ब्रह्मचारी थे। निकेतन में श्री हनुमान जी की मूर्ति सर्वागपूर्ण है। मंदिर के पूर्वी भाग के मुख्य द्वार पर ब्रह्मचर्य के प्रतीक श्री भीष्म पितामह की मूर्ति है।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;ज्ञानवापी प्रांगण में राम कथा की गूंज&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;वाराणसी, सांस्कृतिक प्रतिनिधि : ज्ञानवापी प्रांगण में रविवार को सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच श्रृंगार गौरी के पूजन के बाद 111 भूदेवों ने रामचरित मानस नवाह्न पाठ आरंभ किया। पाठ शुरू होते ही पूरे क्षेत्र में रामायण के दोहे व चौपाइयों की गूंज होने लगी। काशी सत्संग मंडल के तत्वावधान में 51 वें रामचरित मानस नवाह्न पारायण महायज्ञ का शुभारंभ करते हुए महामंडलेश्वर मिथिलाशरण ने कहा कि जब-जब धर्म पर कुठाराघात हुआ, तब-तब धर्म की संस्थापना के लिए प्रभु का अवतार हुआ।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;आध्यात्मिक उन्नति के बिना शांति की कल्पना संभव नहीं&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;वाराणसी, सांस्कृतिक प्रतिनिधि : आध्यात्मिक उन्नति ही सभी उन्नतियों का मूल है। व्यक्ति चाहे जितना भी भौतिक उन्नति कर ले, जब तक वह अध्यात्म के क्षेत्र में अग्रसर नहीं होता, तब तक उसे शांति नहीं मिलती। उक्त विचार केदारघाट स्थित विद्यामठ में सोमवार को सायंकाल अखिल भारतीय आध्यात्मिक उत्थान मंडल द्वारा प्रकाशित दैनंदिनी व डॉ। आरएस दूबे सागर सम्राट द्वारा रचित कविता संग्रह नैसर्गिक जलधार है गंगा का विमोचन करते हुए ज्योतिष व द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने व्यक्त किए।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;महामना के आदर्श अपनाने का संकल्प&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;देहरादून, जागरण प्रतिनिधि: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के मौके पर देहरादून विवि एल्युम्नी एसोसिएशन की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने महामना मदन मोहन मालवीय के जीवन व आदर्र्शो से प्रेरणा ग्रहण करने व शिक्षा के विकास में योगदान का संकल्प लिया। पार्क रोड स्थित हिंदू नेशनल इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन एल्युम्नी के अध्यक्ष कर्नल (अप्रा) केएम राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। &lt;/span&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-1480602178896396918?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/1480602178896396918/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/1480602178896396918'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/1480602178896396918'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/02/blog-post.html' title='तीर्थ यात्रा २ फ़रवरी, २००९'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-3122871457360537187</id><published>2009-01-31T23:33:00.000-08:00</published><updated>2009-01-31T23:49:57.187-08:00</updated><title type='text'>तीर्थ यात्रा १ फरवरी, २००९</title><content type='html'>&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;बदरीनाथ के कपाट एक मई व गंगोत्री के 27 अप्रैल को खुलेंगे&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;नरेंद्रनगर (टिहरी), उत्तरकाशी: हिंदुओं के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गंगोत्री और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तीर्थ पुरोहितों ने घोषित कर दी है। गंगोत्री के कपाट अक्षय तृतीया के दिन 27 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 1 मई को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल जाएंगे। शनिवार को बसंत पंचमी के पर्व पर श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति की बैठक में सालभर की ज्योतिष चर्चा के साथ ही शुभ पर्व व मुहुर्तो पर भी विचार किया गया है। पंचांग के अनुसार 27 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री के कपाट पूर्ण धार्मिक अनुष्ठान के साथ खोलने का निर्णय लिया गया।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;सूरजकुंड क्राफ्ट मेला आज से&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;फरीदाबाद, जागरण संवाद केंद्र : 23वें सूरजकुंड क्राफ्ट मेला आज से प्रारंभ होगा। राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल मेले का उद्घाटन करेंगी। इस बार मेले का थीम स्टेट मध्यप्रदेश है। इस बार के आयोजन में मेला प्राधिकरण को मिस्र देश का सहयोग मिला है। मेले की व्यवस्था का जायजा लेने पहंुचीं पर्यटन मंत्री किरण चौधरी ने मेले से जुड़ी जानकारियां पत्रकारों को दी। &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;वसंतोत्सव: हवन -पूजन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;हमारे संवाददाता, गोरखपुर : वसंत पंचमी पर्व पर शनिवार को महानगर में विभिन्न स्थानों पर वाग्देवी मां सरस्वती का पूजन-अर्चन किया गया। गोष्ठियां आयोजित हुई और बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्र्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग में विधिविधान से सरस्वती पूजन किया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो। सच्चिदानन्द श्रीवास्तव तथा पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो। माता प्रसाद त्रिपाठी ने भारतीय संस्कृति में मां सरस्वती के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;शक्तिपीठों में एक हैं अलोप शंकरी&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;इलाहाबाद : अलोपीबाग स्थित सिद्धपीठ अलोप शंकरी देवी मंदिर की गणना 51 शक्तिपीठों में की जाती है। कहते हैं कि प्रजापति दक्ष के यज्ञ में सम्मिलित होने आयीं सती ने जब अपने पति भगवान शंकर का वहां अपमान होते देखा तो उन्होंने वहीं अपने शरीर का त्याग कर दिया। इस घटना से भगवान शिव बहुत क्रोधित हुए एवं सती के शव को लेकर ताण्डव करने लगे। तब संसार में हाहाकार मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भगवान विष्णु ने अपने चक्र से शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिये। ये टुकड़े पृथ्वी पर 51 स्थानों पर गिरे। जिनमें एक स्थान अलोप शंकरी भी रहा। कालान्तर में इस स्थान का नाम भी अलोपीबाग पड़ गया।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;(सौजन्य : दैनिक जागरण )&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;वीणावादिनी की भक्ति में पीतांबरमय हुई राजधानी &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;शहर प्रतिनिधि, भोपाल शहर में शनिवार को मंदिरों सहित विभिन्न स्थानों पर बसंतोत्सव उमंग के माहौल में मनाया गया। जगह-जगह पूजा-अर्चना व रंगारंग कार्यक्रम हुए। स्कूलों में मां सरस्वती की पूजा का यह पर्व श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया। वहीं बंगाली समाज ने रंगारंग कार्यक्रम से बसंत की छटा बढ़ा दी। बसंत पंचमी पर तड़के से ही मंदिरों में लोग पीले वस्त्र पहनकर पहुंचने लगे थे। मंदिरों व घरों में श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती और शारदा की विशेष पूजा अर्चना कर आरती की।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;रंगमंच पर जीवंत हुई पौराणिक लोक गाथाएं&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;जागरण कार्यालय, रामनगर: उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता की अंतिम शाम भी पूरी तरह उत्तराखंड की सभ्यता व संस्कृति के नाम रही। शनिवार को कलाकारों ने अपने अभिनय कला की ऐसी छाप छोड़ी कि पौराणिक गाथाएं रंगमंच पर सजीव हो उठी। अंतिम दिन की पहली प्रस्तुति में देहरादून के कलाकारों ने तेड़ी की तिलोगा और अमर देव सजवाण की पे्रम गाथा पर आधारित नाटिका का सफल मंचन किया। &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-3122871457360537187?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/3122871457360537187/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/01/blog-post_8370.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/3122871457360537187'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/3122871457360537187'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/01/blog-post_8370.html' title='तीर्थ यात्रा १ फरवरी, २००९'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-633925166441308011.post-2402331575674453706</id><published>2009-01-31T00:00:00.000-08:00</published><updated>2009-01-31T00:12:21.186-08:00</updated><title type='text'>तीर्थ यात्रा ३१ जनवरी</title><content type='html'>&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;वसंत पंचमी का स्नान आज, संगम पहुंचे श्रद्धालु&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;सिटी रिपोर्टर, इलाहाबाद : माघ मेला का चौथा महत्वपूर्ण स्नानपर्व वसंत पंचमी शनिवार को है। इस पर्व पर गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का मेला क्षेत्र पहुंचना शुक्रवार को शुरू हो गया है। मेला प्रशासन ने पर्व को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मौनी अमावस्या के दिन लगाई गई सुरक्षा को यथावत बहाल रखा गया है। स्नान पर्व की पूर्व संध्या पर मेला क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;बसंत पंचमी आज, गली-गली सजे पंडाल&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;रांची, कार्यालय प्रतिनिधि : तैयारी करते-करते बसंत पंचमी आ पहुंची। बसंत ऋतु की घोषणा पीताभा ने कर दी और शिशिर के समापन की भी मुनादी हो गई। उत्साह, उल्लास और उमंग की इस ऋतु का स्वागत करने के लिए धरा भी पुष्पों से सजी नजर आने लगी है। गली-गली, घर-घर पंडाल सज रहे हैं। ये पंडाल आकार में भले ही विशाल ना हों, इनके पीछे की भावना भौतिक विशालता से कहीं ज्यादा बड़ी है। बाल और किशोर वर्ग का उत्साह देखने काबिल है।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;बासंती रंग में आज रंगेगी राजधानी&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;शहर प्रतिनिधि, भोपाल राजधानी शनिवार को बसंती रंग में रंगी नजर आएंगी। ऋतुराज बसंत के आगमन पर शहर में कई स्थानों पर रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए है। वहीं शुक्रवार से जनकपुरी में चार दिवसीय कार्यक्रमों की शुरूआत हुई। कार्यक्रम के पहले दिन जनकपुरी में साढ़े छह फीट ऊंची मां सरस्वती की मूर्ति की स्थापना कर पूजन अर्चन किया। मां चामुंडा शाहजहांनाबाद में पं।रामजीवन दुबे के सानिध्य में दरबार में रात्रि आठ बजे से विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;विद्याथिर्यो के लिए शुभकारी होती है बसंत पंचमी&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: माघ शुक्ल पंचमी को ज्ञान की देवी सरस्वती का विशेष विधानों से पूजन किया जाता है। इसे बसंत पंचमी के नाम से जाना जाता है। इस पर्व को 31 जनवरी मनाया जाएगा। इस दिन स्वयं व बच्चों की तीव्र स्मरण शक्ति, सद्बुद्धि, सफलता के लिए माता सरस्वती का पूजन करने का विधान है। ज्योतिर्विद डॉ। जगदीश चन्द्र भट्ट के अनुसार पौराणिक मान्यता है कि सृष्टि काल में ईश्र्वर की इच्छा से आद्याशक्ति ने स्वयं को पांच भागों में विभक्त कर लिया था। वे राधा, पद्मा, सावित्री, दुर्गा व सरस्वती के रूप में भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न अंगों में प्रकट हुई। भगवान श्रीकृष्ण के कंठ से उत्पन्न होने के कारण देवी को सरस्वती नाम से पुकारा गया।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;यज्ञ के धुएं से क्षय रोग का इलाज &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;सुनील छइयां, हरिद्वार: हो सकता है कि आप यकीन न करें, एलोपैथी चिकित्सा जगत विश्वास न करे, लेकिन यह सच है कि यज्ञ के धुएं से क्षय रोग का उपचार किया जा सकता है। शांतिकुंज कुल के देव संस्कृति विश्र्वविद्यालय में हुए अनुसंधान ने इस मान्यता को पुख्ता किया है। देव संस्कृति विश्र्वविद्यालय में यह अनुसंधान कार्य इस विश्र्वविद्यालय से संबद्ध डा। मीनाक्षी रघुवंशी ने किया और परिणाम भी आशा के अनुरूप निकले।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;क्रिया योग से सर्र्वागीण विकास संभव&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;इलाहाबाद : क्रिया योग से व्यक्ति का संर्वागीण विकास संभव है। उक्त विचार क्रिया योग के उपासक योगी सत्यम ने व्यक्त किये। माघ मेला क्षेत्र स्थित अपने शिविर में शुक्रवार को साधकों और श्रद्धालुओं को क्रिया योग की साधना कराने के बाद क्रिया योग के गूढ़ रहस्यों की जानकारी देते हुए योगी जी ने कहा कि क्रिया योग का वैज्ञानिक और अध्यात्मिक महत्व है इसकी साधना से न केवल शरीर स्वस्थ्य होता है बल्कि मानव का अध्यात्मिक विकास भी होता है। कहा कि क्रिया योग की निरंतर साधना से व्यक्ति का सर्वागीण उत्थान संभव है। &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;(सौजन्य: दैनिक जागरण )&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/633925166441308011-2402331575674453706?l=aviratyatranews.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/feeds/2402331575674453706/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/01/blog-post_31.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/2402331575674453706'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/633925166441308011/posts/default/2402331575674453706'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://aviratyatranews.blogspot.com/2009/01/blog-post_31.html' title='तीर्थ यात्रा ३१ जनवरी'/><author><name>अविरत यात्रा</name><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='24' height='32' src='http://1.bp.blogspot.com/_xMMKqQ9caPw/SWG5i-eSSoI/AAAAAAAAAO8/62uVxYSncGU/S220/Abhishek+092.JPG'/></author><thr:total>0</thr:total></entry></feed>
